सोमवार, 6 अक्टूबर 2025

वर्ल्ड अपडेट्स:

 

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के पिट्सबर्ग में भारतीय मूल के शख्स की गोली मारकर हत्या, हमलावर से पूछा था- क्या तुम ठीक 


अमेरिका के पिट्सबर्ग में एक भारतीय मूल के शख्स राकेश एहागाबन (50) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शख्स एक मोटल का मालिक था। घटना शुक्रवार दोपहर की है।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मोटल के पार्किंग लॉट में एक विवाद हुआ था, जिसके बाद हंगामा शुरू हुआ। इसे सुनकर राकेश बाहर आया।

पुलिस के मुताबिक, राकेश दो लोगों के बीच झगड़ा सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी 37 साल के स्टैनली यूजीन वेस्ट ने राकेश को सिर में गोली मार दी।

जब वेस्ट का झगड़ा हुआ तब राकेश उसके पास गए और पूछा कि क्या तुम ठीक हो, दोस्त? इसके तुरंत बाद वेस्ट ने राकेश के सिर में गोली मार दी। राकेश घटना स्थल पर ही मृत पाए गए। घटना से पहले, वेस्ट ने मोटल के बाहर एक महिला को गोली मारी थी।

पुलिस ने बताया कि हमलावर पर हत्या, हत्या का प्रयास और दूसरे व्यक्ति की जान को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि मोटल मालिक की हत्या के बाद वेस्ट बड़ी बेपरवाही से पास खड़ी एक U-Haul वैन तक गया और गाड़ी चलाकर वहां से निकल गया।

बाद में पुलिस ने उसका पीछा किया। इस दौरान वेस्ट ने पुलिस पर गोली चलाई, जिससे एक पिट्सबर्ग डिटेक्टिव के पैर में चोट लगी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में वेस्ट को कई बार गोली मारी और उसे घायल किया। पुलिस को अब तक गोलीबारी के पीछे कोई साफ मकसद का पता नहीं चला है।

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इंडोनेशिया में सौ साल पुरानी स्कूल की इमारत गिरने से 49 बच्चों की मौत, 14 छात्र लापता

इंडोनेशिया में पिछले हफ्ते एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल की इमारत गिरने की घटना में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। राहत कर्मियों ने शनिवार और रविवार को मलबे से 35 और शव निकाले। अब भी 14 छात्र लापता बताए जा रहे हैं।

यह हादसा 29 सितंबर को जावा द्वीप के सिदोआर्जो इलाके में स्थित सौ साल पुराने स्कूल में हुआ था। जब इमारत गिरी, तब सैकड़ों छात्र अंदर मौजूद थे। ज्यादातर छात्र 12 से 19 साल के बीच के थे। केवल एक छात्र बिना चोट के बच पाया।

97 छात्रों को हल्की चोटें आईं और उन्हें इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 6 गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस के मुताबिक, स्कूल की दो मंजिला बिना अनुमति के बनाई जा रही थीं। इसी वजह से ढांचा कमजोर पड़ गया और पूरी इमारत गिर गई।

निर्माण विशेषज्ञ मूजी इरमावन ने बताया कि कॉन्क्रीट डालते समय इमारत का ढांचा वजन नहीं झेल पाया, क्योंकि निर्माण मानकों का पालन नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य चलने के दौरान छात्रों को इमारत में नहीं होना चाहिए था।

सिदोआर्जो जिले के प्रमुख सुबंधी ने भी पुष्टि की कि स्कूल प्रशासन ने निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी। फिलहाल स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

सीरिया में 14 साल बाद चुनाव, अल-शरा की जीत तय:अमेरिका ने 12 साल तक ग्लोबल आतंकी घोषित रखा, अब राष्ट्रपति बनेंगे

सीरिया में लगभग 14 साल बाद संसदीय चुनाव हुए हैं। एक ऐसा देश जो बशर अल-असद की तानाशाही और 13 साल लंबे गृहयुद्ध से तबाह हुआ। रविवार सुबह दमिश्क में मतदान शुरू हुआ तो इसे असद युग के अंत के बाद 'नए दौर की शुरुआत' बताया गया।

पिछले साल दिसंबर में तख्तापलट किए जाने के बाद अहमद अल-शरा ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता संभाली थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका और पश्चिमी देशों से संबंध बेहतर किए।

अल-शरा को अमेरिका ने मई 2013 में स्पेशल डेसिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGT) घोषित किया था। 12 साल बाद अमेरिका ने जुलाई 2025 को उनका नाम आतंकियों की सूची से बाहर किया। अपने आप में यह एक अनोखा मामला है।


रविवार, 5 अक्टूबर 2025

इजराइल गाजा से पीछे हटने को तैयार:ट्रम्प ने मैप जारी किया, बोले- हमास के हामी भरते ही सीजफायर लागू होगा

 

इजराइल गाजा से पीछे हटने को तैयार:ट्रम्प ने मैप जारी किया, बोले- हमास के हामी भरते ही सीजफायर लागू होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि इजराइल ने गाजा से पीछे हटने के लिए शुरुआती सीमा रेखा (Initial Withdrawal Line) के लिए सहमति जताई है।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी दी। ट्रम्प ने इजराइल की वापसी को दिखाते हुए एक मैप भी शेयर किया। उन्होंने कहा, ये समझौता हमें 3 हजार साल पुराने संकट को खत्म करेगा।

इससे पहले ट्रम्प ने हमास को शांति प्रस्ताव जल्द से जल्द मानने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर हमास ने लड़ाई जारी रखी तो उसके सभी विकल्प खत्म हो जाएंगे।

ट्रम्प ने गाजा मैप में दिखाया कहां तक पीछे हटेगा इजराइल

इजराइली सेना नक्शे में दिखाई गई पीली लाइन तक पीछे हटेगी।
इजराइली सेना नक्शे में दिखाई गई पीली लाइन तक पीछे हटेगी।

ट्रम्प के मैप के मुताबिक, यह शुरुआती वापसी रेखा (पीली लाइन) IDF की पुरानी कंट्रोल लाइन है। पिछले महीने IDF गाजा पर बड़े हमले कर आगे बढ़ी थी। फिलहाल IDF का गाजा के करीब 70% इलाके पर कब्जा है।

हमास ने अब तक इस प्रस्ताव पर औपचारिक सहमति नहीं दी है। सोमवार से मिस्र में इनडायरेक्ट बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। अगर हमास इस योजना को मंजूरी देता है, तो ट्रम्प प्रशासन पहले चरण की वापसी और शांति व्यवस्था लागू करने की तैयारी करेगा।

मैप में क्या दिखाया गया है

  • दक्षिण गाजा के राफाह और फिलाडेल्फिया कॉरिडोर जैसे इलाकों को इजराइल के नियंत्रण में दिखाया गया है, जहां सुरक्षा बल बने रहेंगे।
  • उत्तरी गाजा में बेइत हनून के आसपास का इलाका भी इजराइली सुरक्षा जोन के रूप में दिखाया गया है।
  • गाजा सिटी और उसके आस-पास के शरणार्थी शिविरों को नक्शे में ऐसे इलाकों के रूप में दिखाया गया है, जहां फिलहाल पूरी तरह वापसी नहीं होगी।

हमास ट्रम्प के प्लान पर​​​​​ गाजा प्रशासन छोड़ने को तैयार हुआ

ट्रम्प की धमकी के 6 घंटे बाद हमास गाजा में सीजफायर को तैयार हो गया था। हमास ने शुक्रवार रात ऐलान किया कि वह ट्रम्प के प्लान में बताए गए फॉर्मूले के मुताबिक सभी जिंदा और मुर्दा बंदियों को रिहा करने को तैयार है। साथ ही गाजा का प्रशासन छोड़ने को भी तैयार है।

हमास ने ट्रम्प के प्लान को लेकर कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की इस हफ्ते पेश की गई पीस डील के कुछ हिस्सों पर बातचीत जरूरी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमास की तरफ से जो जवाब आया है, उसमें हथियार डालने की बात नहीं की गई थी।

दरअसल, 29 सितंबर की रात इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से वॉशिंगटन डीसी में मुलाकात की थी। इसके बाद नेतन्याहू गाजा में सीजफायर पर सहमत हुए थे। ट्रम्प ने सीजफायर के लिए 20 पॉइंट का एक प्लान तैयार किया था।

ट्रम्प के सीजफायर प्लान के 20 पॉइंट

  1. तुरंत युद्ध रोकना- इजराइल और हमास के बीच सहमति बनी तो गाजा में युद्ध तुरंत खत्म होगा।
  2. इजराइल पीछे हटेगा- सहमति से इजराइल अपनी सेनाओं को धीरे-धीरे गाजा से निकाल लेगा।
  3. बंधकों को छोड़ना- हमास 72 घंटे में सभी इजराइली बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें जिंदा और मृत दोनों होंगे।
  4. कैदियों की रिहाई- युद्ध खत्म होने पर इजराइल, गाजा के उम्रकैद की सजा काट रहे 250 लोगों और अन्य 1700 कैदियों को छोड़ देगा।
  5. शवों का आदान-प्रदान - हर मृत इजराइली कैदी के बदले 15 मृत फिलिस्तीनी कैदियों के शव लौटाए जाएंगे।
  6. गाजा को आतंक मुक्त बनाना- गाजा से हमास के सारे ठिकाने और हथियार हटाए जाएंगे।
  7. हमास सरकार में शामिल नहीं होगा- हमास और अन्य लड़ाके गाजा की सरकार में हिस्सा नहीं लेंगे।
  8. अंतरिम प्रशासन समिति बनेगी- गाजा के लिए एक अस्थायी तकनीकी समिति बनाई जाएगी, जिसमें योग्य लोग होंगे।
  9. शांति बोर्ड बनेगा- इस बोर्ड की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प करेंगे, इसमें टोनी ब्लेयर और अन्य देशों के नेता शामिल होंगे।
  10. पुनर्निर्माण योजना बनेगी- बोर्ड गाजा के विकास और सुधार की योजना बनाएगा और उसका खर्च उठाएगा।
  11. मानव सहायता दी जाएगी - गाजा को तुरंत पर्याप्त मदद दी जाएगी।
  12. विशेष व्यापार क्षेत्र बनेगा- गाजा में खास व्यापारिक क्षेत्र बनाए जाएंगे, जिससे रोजगार बढ़ेगा।
  13. रहने की आजादी मिलेगी- किसी को गाजा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा; जो चाहे जा सकता है और लौट सकता है।
  14. सुरक्षा के लिए फोर्सेस होंगी- एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल गाजा में सुरक्षा बनाए रखेगा।
  15. पुलिस की ट्रेनिंग होगी- सुरक्षा बल गाजा पुलिस को ट्रेनिंग देंगे और मदद करेंगे।
  16. सीमा सुरक्षा मजबूत होगी- इजराइल और मिस्र की सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत होगी।
  17. लड़ाई बंद होगी- युद्ध खत्म होने तक हवाई हमले और गोलाबारी रोकी जाएगी।
  18. मानवाधिकार सुनिश्चित करेंगे- अंतरराष्ट्रीय संगठन गाजा में मदद और सुरक्षा की निगरानी करेंगे।
  19. शांति बातचीत शुरू होगी- इजराइल और फिलिस्तीन के बीच शांति के लिए बातचीत शुरू होगी।
  20. भविष्य की योजना बनेगी- इस योजना का मकसद गाजा में स्थायी शांति, विकास और बेहतर जीवन लाना है।

बिक सभी जिंदा और मुर्दा बंदियों को रिहा करने को तैयार है। साथ ही गाजा का प्रशासन छोड़ने को भी तैयार है।

हमास ने ट्रम्प के प्लान को लेकर कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प की इस हफ्ते पेश की गई पीस डील के कुछ हिस्सों पर बातचीत जरूरी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमास की तरफ से जो जवाब आया है, उसमें हथियार डालने की बात नहीं की गई थी।

दरअसल, 29 सितंबर की रात इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से वॉशिंगटन डीसी में मुलाकात की थी। इसके बाद नेतन्याहू गाजा में सीजफायर पर सहमत हुए थे। ट्रम्प ने सीजफायर के लिए 20 पॉइंट का एक प्लान तैयार किया था।


शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

वर्ल्ड अपडेट्स:न्यूयॉर्क में बिना बुलेटप्रूफ सिक्योरिटी के होटल की खिड़की से दिखे नेतन्याहू; सुरक्षा पर सवाल उठे

 

वर्ल्ड अपडेट्स:न्यूयॉर्क में बिना बुलेटप्रूफ सिक्योरिटी के होटल की खिड़की से दिखे नेतन्याहू; सुरक्षा पर सवाल उठे



इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक फोटो में वे होटल की खिड़की के पास बैठे नजर आ रहे हैं। यह फोटो सामने की इमारत से ली गई। खिड़की पर न तो बुलेटप्रूफ शीशा था और न ही कोई शटर।

फोटो को इजराइली सेना के रिटायर्ड कर्नल रोनेन कोहेन ने X (ट्विटर) पर शेयर किया।

कोहेन ने लिखा-

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प्रधानमंत्री खुले में बैठे रहे, यह स्नाइपर या हथियारों की गोलीबारी के लिए बड़ा खतरा था।

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यह बैठक न्यूयॉर्क के लोव्स रीजेंसी होटल में हुई थी। यहां नेतन्याहू अपने सलाहकारों के साथ UN महासभा में भाषण और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ होने वाले समझौते पर चर्चा कर रहे थे।

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न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट पर दो विमान आपस में टकराए, एक शख्स घायल

न्यूयॉर्क के ला गार्डिया एयरपोर्ट पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। टैक्सीवे पर डेल्टा एयरलाइंस की सहयोगी कंपनी एंडेवर एयर के दो विमान आपस में टकरा गए।

इस टक्कर में एक फ्लाइट अटेंडेंट घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया। टक्कर के बाद तुरंत दोनों विमानों से यात्रियों को उतारकर बस से टर्मिनल तक पहुंचाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, एक विमान (फ्लाइट 5047, शार्लेट, नॉर्थ कैरोलिना से आई) लैंडिंग के बाद गेट की तरफ जा रहा था। तभी दूसरा विमान (उड़ान 5155, रोअनोक, वर्जीनिया के लिए रवाना होने वाला) उससे टकरा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, फ्लाइट 5155 का पंख उड़ान 5047 की बॉडी से टकराया।

हादसे के वीडियो और तस्वीरों में एक विमान का पंख टूटा हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों ही विमान बॉम्बार्डियर सीआरजे-900 मॉडल के थे। टकराव के समय फ्लाइट 5155 में 32 लोग (28 यात्री और 4 क्रू सदस्य) सवार थे। जबकि फ्लाइट 5047 में 61 लोग (57 यात्री और 4 क्रू सदस्य) सवार थे।

लंदन में 700 साल पुराने चर्च को 45 फुट हवा में उठाया, यहां अब 36 मंजिला टावर बनेगा

लंदन के 50 फेंचर्च स्ट्रीट के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत 700 साल पुराने चर्च “टावर ऑल हैलोज स्टेनिंग’ अब 45 फुट (लगभग 13.7 मीटर) ऊंचाई पर स्टील स्टिल्ट्स (खंभों) पर बैलेंस किया गया है।

इसके लिए पहले 1,25,000 टन मिट्टी निकाली गई और फिर टावर को ऊपर उठाया गया। इसे 'पहली बार हुआ इंजीनियरिंग चमत्कार' कहा जा रहा है।

चर्च टावर का निर्माण 1320 ईस्वी में हुआ था और इसने ग्रेट फायर ऑफ लंदन (1666) को भी झेला। अब यह केवल वही हिस्सा है, जो आज भी बचा है और जिसे संरक्षित रखा जाएगा।

लंदन के डिप्टी मेयर हॉवर्ड डॉबर ने कहा कि 2028 तक यहां एक 36-मंजिला ऑफिस टावर बनेगा। जिसमें ऑफिस स्पेस, शॉपिंग एरिया और रूफ गार्डन होगा।

चर्च टावर को बाद में पुर्नस्थापित कर ग्रीन पब्लिक स्पेस का हिस्सा बनाया जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट 10,500 करोड़ रुपए का है।

फिलीपींस में तूफान के बाद अब 24 घंटे में भूकंप के 848 झटके, 69 लोगों की मौत

रगासा तूफान के बाद फिलीपींस को मंगलवार रात एक और आपदा ने हिला दिया। सेबू प्रांत के उत्तरी हिस्से में 30 सितंबर 2025 को रात 9 बजकर 59 मिनट पर 6.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें अब तक 69 लोगों की मौत और 293 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वॉल्कैनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप का एपिसेंटर बोगो शहर के पास और गहराई मात्र 10 किमी थी, जिससे इसका असर बेहद विनाशकारी रहा।

कई अस्पताल, चर्च, पुल और इमारतें ढह गईं। बोगो अस्पताल में 186 घायलों का इलाज चल रहा है, जिन्हें सुरक्षा कारणों से टेंटों में भर्ती किया है।

अब तक 848 आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए हैं, जिनमें 5.2 तीव्रता का झटका भी शामिल है। प्रारंभिक तौर पर सुनामी अलर्ट जारी किया गया, लेकिन खतरा टलने पर हटा लिया गया।

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस ने आपदा पर शोक जताते हुए त्वरित राहत का आश्वासन दिया है। स्थानीय प्रशासन ने मेडिकल वॉलंटियर्स और राहत सामग्री की अपील की है।

ब्रिटेन में यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर चाकूबाजी, 2 की मौत; पुलिस ने हमलावर को गोलीमारी

ब्रिटेन के मैनचेस्टर में गुरुवार को एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनागॉग) के बाहर कार से हमला और चाकूबाजी की घटना हुई। इस हमले में चार लोग घायल हो गए, जिसमें दो की मौत हो गई।

पुलिस को सुबह 9:31 बजे खबर मिली कि क्रम्प्सल इलाके में कुछ लोगों पर कार चढ़ाई गई और एक इंसान को चाकू मारा गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को गोली मार दी।

मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने कहा कि हमलावर की शायद मौत हो गई है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। मेयर बर्नहैम ने लोगों से उस इलाके में न जाने की

यह हमला हेटन पार्क हिब्रू सिनागॉग के बाहर हुआ, जब यहूदी लोग योम किप्पुर त्योहार पर प्रार्थना के लिए इकट्ठा थे। इस दिन लोग अपने पिछले गलत कामों के लिए माफी मांगते हैं और प्रार्थना करते हैं।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस हमले को बेहद डरावना बताया और पुलिस की तारीफ की। स्टार्मर डेनमार्क से जल्दी लौट रहे हैं ताकि ब्रिटेन की इमरजेंसी कोबरा टीम के साथ बैठक कर सकें।

उन्होंने X पर लिखा- यह हमला योम किप्पुर जैसे पवित्र दिन पर हुआ, जो इसे और भी भयानक बनाता है। मेरी संवेदनाएं घायलों के परिवारों के साथ हैं। 

भारत-चीन के बीच 26 अक्टूबर से डायरेक्ट फ्लाइट:5 साल पहले कोरोनाकाल में बंद हुई थी; पहली फ्लाइट कोलकाता से ग्वांगझू जाएगी

भारत और चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने पर फिर से सहमति बन गई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस रिलीज जारी कर इसका ऐलान किया।

इसके कुछ ही देर बाद एयरलाइन इंडिगो ने 26 अक्टूबर से दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने का ऐलान किया।

कोलकाता से ग्वांगझू के लिए रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ानें चलेंगी। एयरलाइन ने यह भी बताया कि जल्द ही दिल्ली और ग्वांगझू के बीच भी सीधी उड़ानें शुरू की जाएंगी। इन उड़ानों के लिए इंडिगो अपने एयरबस A320neo विमान का इस्तेमाल करेगी।

भारत-चीन के बीच 2020 में कोरोना महामारी की वजह से यह सर्विस बंद की गई थी। इसके बाद गलवान झड़प की वजह से दोनों देशों के रिश्ते खराब हो गए थे। 

इजराइल ने पूर्व पाकिस्तानी सांसद को गिरफ्तार किया:पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी हिरासत में; राहत सामग्री से लदे जहाज लेकर गाजा जा रहे थे

इजराइल ने पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर मुश्ताक अहमद खान को बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया है। वे पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के साथ राहत सामग्री से लदे 13 जहाज लेकर गाजा जा रहे थे।

इस छापेमारी में ग्रेट समेत 37 देशों के 150 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। ये सभी 47 जहाज वाले समुद्र फ्लोटिला (जहाजी बेड़े) का हिस्सा हैं। इनका मकसद इजराइल की नाकाबंदी तोड़कर गाजा में मदद पहुंचाना है।

इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी जहाज सुरक्षित रोक लिए गए हैं और यात्री इजराइली बंदरगाह पर भेजे जा रहे हैं। मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि ग्रेटा थनबर्ग और उनके साथी सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ट्रम्प अमेरिकी किसानों का सोयाबीन नहीं बिकने से परेशान:कहा- जल्द चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात करूंगा, टैरिफ के पैसे से किसानों को मदद दूंगा

अमेरिकी किसानों का सोयाबीन नहीं बिकने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प परेशान हो गए हैं। ट्रम्प ने बताया कि अमेरिका के सोयाबीन किसान मुश्किल हालात में हैं, क्योंकि चीन उनसे सोयाबीन नहीं खरीद रहा। इसी वजह से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि वे अगले 1 महीने के भीतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने जा रहे हैं। इस बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा मुद्दा सोयाबीन पर होगा। ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि चीन सिर्फ बातचीत करने के लिए सोयाबीन की खरीद रोक रहा है।

ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की भी आलोचना की, क्योंकि उनके समय में वह ट्रेड डील लागू नहीं हो पाई थी, जिसके तहत चीन को अरबों डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदने थे।

दरअसल, 2020 में ट्रम्प प्रशासन और चीन के बीच एक फेज वन डील हुई थी। इसके तहत चीन ने अमेरिका से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद जैसे कि सोयाबीन, मक्का, गेहूं, मांस जैसी चीजें खरीदने का वादा किया था। 

कतर पर हमला अब अमेरिका पर हमला माना जाएगा:इजराइली हमले के बाद ट्रम्प ने सुरक्षा गारंटी दी, नेतन्याहू से माफी भी मंगवाई थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कहा गया है कि अगर कतर पर किसी भी तरह का हमला होता है तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा। आदेश में कहा गया है कि कतर पर हमला अमेरिका की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा माना जाएगा।

इसमें यह भी जोड़ा गया है कि हमले की स्थिति में अमेरिका सभी तरह के उपाय करने के लिए तैयार रहेगा, चाहे वो राजनयिक हों, आर्थिक हों या फिर जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई ही क्यों न करनी पड़े।

इजराइल ने 9 सितंबर को दोहा में हमास आतंकियों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद ट्रम्प पर कतर की सुरक्षा का दबाव बढ़ गया था।

इसके बाद ट्रम्प ने 29 सितंबर को इजराइली PM नेतन्याहू से कतर के PM शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी को फोन कराकर माफी भी मंगवाई थी। नेतन्याहू तब ट्रम्प ने मिलने व्हाइट हाउस पहुंचे थे। एक दिन बाद व्हाइट हाउस ने इससे जुड़ीं तस्वीरें भी जारी की। 

अमेरिका में साढ़े 7 लाख कर्मचारी छुट्टी पर भेजे गए:कई सरकारी ऑफिस बंद, ट्रम्प का फंडिंग बिल फिर फेल

अमेरिका में करीब साढ़े 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को छुट्‌टी (फरलो) पर भेज दिया गया है। इनमें से 3 लाख की छंटनी भी हो सकती है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार दूसरे दिन सरकार को फंड देने वाला बिल पास नहीं करा पाए हैं। इससे गैरजरूरी सरकारी कामकाज ठप हो गया है।

कृषि विभाग, श्रम विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, लायब्रेरी ऑफ कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट, फेडरल कोर्ट, अमेरिकी बॉटनिकल गार्डन, पर्यावरण संरक्षण एजेंसी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान जैसी कई संस्थाओं और विभागों के ऑफिस बंद हो गए हैं।

बुधवार को फंडिंग बिल पर दूसरी बार वोटिंग हुई। बिल के समर्थन में एक बार फिर से 55 और विरोध में 45 वोट पड़े। इसे पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी।














शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025

वॉट्सएप को टक्कर दे रहा स्वदेशी मैसेजिंग एप अराटाई:4 दिन में 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया, प्राइवेसी जैसे खास फीचर जानें

 

वॉट्सएप को टक्कर दे रहा स्वदेशी मैसेजिंग एप अराटाई:4 दिन में 10 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया, प्राइवेसी जैसे खास फीचर जानें



अगर आप वॉट्सएप यूजर हैं, लेकिन प्राइवेसी और डेटा शेयरिंग से परेशान हैं, तो भारत में एक नया स्वदेशी एप आया है, जो वॉट्सएप को टक्कर दे रहा है। Arattai नाम के इस एप को 4 दिन में 10 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘वॉट्सएप किलर’ तक कह रहे हैं। क्योंकि कंपनी यूजर की प्राइवेसी को सेफ रखने का दावा कर रही है। इस एप में क्या खास है और क्या ये वाकई वॉट्सएप को टक्कर दे पाएगा, चलिए जानते हैं...

1. सवाल: अरटाई एप कब लॉन्च हुआ था?

अरटाई एप को जोहो कॉर्पोरेशन ने बनाया है। इसे 2021 में लॉन्च किया गया था। अराटाई का मतलब तमिल में 'कैजुअल चैट' यानी सामान्य बातचीत है।

इसमें आप टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट भेज सकते हैं। साथ ही वॉइस और वीडियो कॉलिंग, स्टोरी फीचर और चैनल मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।

2. सवाल: अराटाई को किसने बनाया?

अराटाई को चेन्नई में हेडक्वार्टर वाली कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया है। इस कंपनी की शुरुआत 1996 में श्रीधर वेम्बु और टॉनी थॉमस ने की थी।

यह आज दुनिया के 150 देशों में 130 मिलियन से ज्यादा यूजर्स को सर्विस दे रही है। जोहो की 55 से ज्यादा बिजनेस एप्लिकेशन हैं। इनमें ईमेल, CRM, HR, अकाउंटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टूल शामिल हैं।

3. सवाल: एप की अचानक हाइप क्यों बनीं?

‘मेड इन इंडिया’ टैग, प्राइवेसी-फ्रेंडली डिजाइन और सरकार के खुले समर्थन की वजह से अचानक इस लोग डाउनलोड कर रहे हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर लोगों से घरेलू डिजिटल सॉल्यूशंस अपनाने को कहा।

4 . सवाल: कौन से फोन पर चलेगा यह एप?

अराटाई की खास बात यह है कि यह लो-बैंडविड्थ कंज़म्पशन फीचर के साथ आता है। यानी यह उन क्षेत्रों में भी काम करता है, जहां इंटरनेट कनेक्शन कमजोर या रुक-रुक कर चलता है। यह एप कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर भी आसानी से चलेगा।

5. क्या-क्या फीचर्स हैं?

अराटाई में वो सारे फीचर्स हैं, जो एक मॉडर्न मैसेजिंग एप में होने चाहिए...

  • वन-टू-वन और ग्रुप चैट: दोस्तों या परिवार के साथ बातचीत कर सकेंगे।
  • वॉइस नोट्स, इमेज, वीडियो शेयरिंग: फोटो, वीडियो, और ऑडियो भेजने की सुविधा।
  • ऑडियो और वीडियो कॉल्स: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ, जो कॉल्स को सिक्योर रखता है।
  • मल्टी-डिवाइस सपोर्ट: फोन के अलावा डेस्कटॉप और यहां तक कि एंड्रॉएड TV पर भी चलता है।
  • स्टोरीज और ब्रॉडकास्ट चैनल्स: क्रिएटर्स, बिजनेस और इन्फ्लुएंसर्स के लिए खास फीचर।

जो बात इस एप को सबसे अलग बनाती है, वो है इसका प्राइवेसी पर फोकस। Zoho ने कहा है कि वो यूजर्स का डेटा बिजनेस या मुनाफे के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा।

6. सवाल: क्या वॉट्सएप की जगह ले सकता है?

हालांकि अराटाई में कई फीचर्स वॉट्सएप जैसे हैं, लेकिन अभी यह पूरी तरह मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। सबसे बड़ी कमी है मैसेज के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) की, क्योंकि वॉट्सएप पर आपके मैसेज सिर्फ सेंडर और रिसीवर ही पढ़ सकते हैं।




















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